Air pollution essay in Hindi. वायु प्रदूषण क्या है। आज के समय मे वायु प्रदूषण शब्द एक आम शब्द बन कर रह चुका है। जब भी वायु प्रदूषण का ख्याल दीमाग मे आता है तो हमारी आँखों के सामने एक दृश्य नजर आता है धूल मिट्टी, धुआ, और मोजूदा सभी कारखानों से निकलने वाला धुआ। यदि इस विषय मे गम्भीरता से चर्चा की जाए तो तो वायु प्रदूषण दिखने के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है।

Air Pollution Essay


आज के दिनचर्या मे जहा सभी व्यस्त रहते है उन्हें ये तक ज्ञान नहीं होता कि किस प्रकार वायु प्रदूषण उनके शरीर के अंदरुनी भाग को नष्ट कर रहा है जिससे साँस लेने मे मुश्किल जैसी गम्भीर समस्या हो सकती है। जिस प्रकार समय के अनुसार वायु प्रदूषण दिन प्रति दिन बढ़ रहा है उसी प्रकार लोगों की वायु प्रदूषण के सहन करने की क्षमता कम होती जा रही है। शायद आपको यह बात अटपटी लगे परंतु जिस प्रकार दिन प्रतिदिन वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है यदि वायु की गुणवत्ता मे सुधार नहीं किया गया तो पूरे वातावरण मे वायु प्रदूषण की एक दीवार समान नजर आएगा।

वायु प्रदूषण क्या है?

जब मोटर वाहन तथा कारखानों से निकलने वाली ज़हरीली तथा विषैली गैस, जहरीले पदार्थ तथा हानिकारक रासायनिक तत्व जैसे कार्बन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, ठोस पदार्थ, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, आदि ताजी हवा में मिश्रित हो जाती है इस स्तिथि को वायु प्रदूषण कह्ते है।

मानव स्वयं ही ईंधन तथा जैसे हानिकारक पदार्थ को जलाता है जिससे कारण वह नित नित दिन प्रति दिन तड़प तड़प के मर रहा है।

यदि आसान शब्दों में कहें तो स्वस्थ वायु मे सूक्ष्म पदार्थ तथा विषैली गैसों के मिश्रण के परिणाम को वायु प्रदूषण कहा जाता है।


वायु प्रदूषण के कारण?

  1. वाहन से निकलने वाला धुआ : वाहन से निकलने वाला धुआ वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है जैसा कि भारत मे लगभग सभी के पास खुद के वाहन है तथा उन सभी वाहनों से निकलने वाला धुआ वातावरण के दूषित होने का सर्वप्रथम कारण है जिसके परिणामस्वरूप वायु प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है।
  2. ईंधन जलाना : आज के समय मे ग्रामीण क्षेत्रों मे बड़ी मात्रा मे ईंधन को जलाया जाता है आज भी गांवों में लोग चूल्हे पर खाना बनाते हैं जिसके लिए वह चूल्हे पर रोजाना लकड़ी तथा कोयला जलते है जिससे भी भारी मात्रा में धुआ उत्पन्न होता है तथा वह धुआ वायु प्रदूषण का एक मुख्य कारण बनता है।
  3. उद्योग कारखाने : जैसा कि आपको पता ही होगा हम सभी देशों से आगे निकलने की होड़ मे यही भूल चुके है कि तेजी से विकास करने की होड़ में उद्योग तथा कारखानों से निकलने वाला सारा कचरा कहा फेंका जा रहा है। उद्योगों तथा कारखानों द्वारा वह कचरा नदियों में बहा दिया जाता है तथा उस कचरे को जला भी दिया जाता है। उद्योगों भारी से मात्रा निकलने वाला कार्बन मोनोऑक्सइड, एवं अन्य रासायनिक धुआ सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।
  4. फसल व पाली जलाना : किसान अपनी फसल काटने के बाद अपना अनाज अलग निकाल लेता है परंतु अनाज से निकलने वाले कचरे का वह क्या करे यह सोच कर वह उस बचे हुए कचरे को जला देते है तथा इसके परिणाम की परवाह ना करते हुए सभी किसानो द्वारा फसल का कचरा जलाने पर भारी मात्रा में धुआ उत्पन्न होने लगता है तथा वायु प्रदुषित होती है।
  5. परमाणु परीक्षण : दूसरे देशों से ज्यादा तथा बेहतरीन हथियार बनाने की होड़ में लगे सभी देश किसी ना किसी वज़ह से परमाणु परीक्षण करते ही रहते है जिसके फटने से धुआ व धूल के कण वायु मे मिल जाते हैं।
  6. वनो की कटाई : कहा जाता है कि पेड़ पौधे वातावरण के लिए ओषधि का काम करते है तथा वन की भूमिका वातावरण को स्वस्थ रखने मे सबसे ज्यादा होती है परंतु जनसंख्या वृद्धि के चलते ग्रह निर्माण के लिए निरंतर जंगल तथा वन को तेजी से काटा जा रहा है।
  7. ऐसी तथा रेफ्रिजरेटर : ऐसी तथा रेफ्रिजरेटर का ईस्तेमाल ना करे या इनका कम से कम इस्तेमाल करे। हमारे घरों तथा ऑफिसों मे लगे ऐसी तथा रेफ्रिजरेटर से क्लोरोफ्लोरो कार्बन निकालती है जो कि ओजोन परत को नुकसान पहुँचाती है जिससे ओजोन परत मे छिद्र बढ़ रहा है।


निवारण / वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपाय

  1. शिक्षा व जागरुकता : शिक्षा की जागरूकता, शिक्षा एक एसा सस्त्र माना जाता है जो सभी समस्याओं से लड़ने की क्षमता रखता है। यदि कोई भी व्यक्ति शिक्षित होता है तो यह माना जाता है कि उसे सही गलत का ज्ञान आवश्य ही होगा। यदि शिक्षा के माध्यम से वायु प्रदूषण की समस्या के विषय मे समझाया जाए तथा उससे होने वाले परिणामों से उसे रूबरू कराया जाए तो वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान ढूँढा जा सकता है।
  2. नियमित शहरी कारण : जिस प्रकार विश्व मे तेजी से दिन प्रति दिन जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है उसी रफ्तार से गृह निर्माण के उद्देश्य से जंगलों तथा वन भी कटे जा रहे हैं। जैसा कि हमने उपरी बिंदु मे बताया कि पेड़ पौधे वातावरण को हील करने का कार्य तथा प्रयास करते हैं यदि तेजी से वन की कटाई की जाएगी तो वायु प्रदूषण की समस्या रोकथाम नामुमकिन हो जाएगा।
  3. उद्योगों कारखानों का नियमित संचालन करना : उद्योगों या कारखानों का नियमित संचालन करना अर्थात उद्योगों तथा कारखानों के लिए उचित कानून का पालन होना चाहिए तथा उस उद्योग को निर्माण करने मे जितनी जमीन का प्रयोग हुआ है उतरने क्षेत्र मे पौधे लगवाये जाए तथा उद्योगों को निकालने वाले कचरे का निपटान मे मदद करनी चाहिए।
  4. वाहन कम से कम उपयोग करना : जैसा कि विश्व में हर दूसरे व्यक्ती के पास वाहन है तथा तथा एक बड़ी संख्या मे वाहन होने के कारण उनसे निकलने वाला धुआ वायु प्रदूषण का कारण बनता है तो इस समस्या का सामना करने के लिए हमे कुछ उपाय आजमाने चाहिए - कार पुल्लिंग, odd and even rule, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करना।


वायु प्रदूषण या Air pollution के प्रभाव

  1. साँस लेने मे समस्या : जैसा कि हमने शुरुआत मे ही इस विषय पर चर्चा की थी जैसा कि वायु प्रदूषण से होने वाला पहला परिणाम साँस लेने मे समस्या है अर्थात ज़हरीली गैस (प्रदूषण ) शरीर में प्रवेश करने के साथ साथ वह फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है तथा वायु प्रदूषण से साँस लेने मे समस्या होती है।
  2. ग्रीन हाउस गैस : वायु प्रदूषण के कारण जिस प्रकार तेजी से वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है उसी प्रकार रोजाना ओजोन परत कमजोर होती जा रही है जिससे सूरज से आने वाली pera बेंगानी किरणें सीधे पृथ्वी पर आएँगी तथा जिससे स्किन कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा होगा।
  3. यदि वायु दूषित होती रही तो एक समय एसा आयेगा जब हम पानी की तरह हवा भी खरीदेंगे।
  4. रिसर्च के अनुसार वायु मे मौजूद ऑक्सीजन की मात्रा कम होती जा रही है जिसके कारण स्वास संबंधित बीमारी बढ़ रही है।


वायु प्रदूषण के प्रमुख तत्व:

  • सल्फर डाई आक्साइड (SO2)
  • नाइट्रोजन आक्साइड (NO)
  • कार्बन मोनो आक्साइड (CO)
  • ओज़ोन (O3)
  • कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2)
  • हाइड्रोकार्बन्स
  • मीथेन
  • विकिरण।

शुद्ध वायु की संरचना (समुद्री सतह के पास)  




उपसंहार (हमने क्या जाना)

प्रस्तुत निबंध के माध्यम से आज हमने जाना कि वायु प्रदूषण क्या है तथा वायु को प्रदुषित बनाने वाले कारण कोन कोन से है। तथा आज हमने इस निबंध के माध्यम से यह भी जाना कि वायु प्रदूषण को कैसे कम किया जा सकता है तथा वायु प्रदूषण बढ़ने के क्या परिणाम हाँ। हमे उम्मीद है कि आपको इस निबंध के माध्यम से बहुमूल्य जानकारी प्राप्त हुई होगी। धन्यावाद! आपका दिन शुभ हो।